शिक्षामंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा के पैतृक गांव सुगांव में उनके निजी कर्मी पिंटू कुमार के घर लॉकडाउन में मछली-भात की एक बड़ी सामूहिक पार्टी मंत्री से लेकर सरकार तक के लिए किरकिरी बन गई है। इस मामले में एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव, मखदुमपुर के अंचलाधिकारी राजीव रंजन और प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल मिस्त्री के निलंबन तथा मंत्री के निजी सचिव नीतीश कुमार सिन्हा और निजी कर्मी पिंटू कुमार की बर्खास्तगी के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अब भी इस मामले में कई लोगों के गर्दन पर तलवार लटकी हुई है। सामूहिक भोज पार्टी का भंडाफोड़ होने के बाद अब इससे जुड़े कई मामले सामने आ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा मंत्री के निजी स्टॉफ पिंटू कुमार का घर सुगांव में ही है। 15 अप्रैल को उसके घर पर मछली-भात की भोज पार्टी आयोजित की गई थी। इस पार्टी में जहानाबाद के एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव के अलावा कई विभागों के पदाधिकारी और आसपास के 50 से अधिक लोग शामिल हुए थे। अब यह भोज पार्टी वहां शामिल होने वाले पदाधिकारी और लोगों के लिए गले की हड्डी बन गई है। बताया जाता है कि भोज पार्टी के चार दिन पहले 11 अप्रैल की रात एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ मंत्रीजी के गांव सुगांव में राशन वितरण करने गए थे। इसी दौरान मछली-भात की भोज पार्टी की योजना बनी। योजना के मुताबिक 15 अप्रैल को मंत्री के निजी कर्मी पिंटू कुमार ने अपने घर में भोज पार्टी का आयोजन किया।
शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के भी कई पदाधिकारी हुए थे शामिल
15 अप्रैल की शाम पहले से तय योजना के मुताबिक एसडीपीओ अपने लाव लश्कर के साथ वहां पहुंचे और भोज का लुत्फ उठाया। इस पार्टी में थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के भी कई पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी का यह सिलसिला काफी देर तक जारी रहा और इस पार्टी में आसपास के 50 से अधिक लोग भी शिरकत किए। इसके लिए निजी कर्मी के घर में बजाप्ता टेबल और कुर्सी भी लगाए गए थे। आसपास के लोगों का कहना है कि भोज के आयोजन के लिए मंत्री के निजी कर्मी ने अपने घर के पास से ही तलाब में जाल फेंकवाकर मछली निकलवाया था। पार्टी बड़ी थी इसलिए मिस्त्री रखकर मछली बनवाया गया।
16 अप्रैल को भोज के बारे में पुलिस को मिली जानकारी
16 अप्रैल को इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी को कर दी। वरीय पदाधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद उसी शाम इस मामले से जहानाबाद के एसपी मनीष को अवगत कराया गया। 17 अप्रैल अर्थात शुक्रवार को एएसपी ने पिंटू के घर पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी जुटा ली। एसपी मनीष ने बताया कि पार्टी आयोजन होने की जानकारी मिलने के बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई थी।
चार घंटे तक पिंटू व एसडीपीओ से पुलिस ने की पूछताछ
मामले में एसडीपीओ से भी पूछताछ की गई। दोनों से पूछताछ और पार्टी के आयोजन की पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंप दी। लोगों का कहना है कि एएसपी के वापस लौटने के बाद मंत्री के निजी कर्मी को कुछ बड़ी कार्रवाई का आभास हो गया और वह घर के आस-पास फेंके गए पत्तलों को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से जलाने में जुट गया और घर में मौजूद अन्य साक्ष्य को भी मिटा दिया। 18 अप्रैल की रात लगभग एक बजे तक एसपी खुद टेहटा ओपी में जमे रहे।
आठ लोगों को बनाया गया है नामजद अभियुक्त
ओपी प्रभारी बैरिस्टर पासवान के बयान पर एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव, सीओ राजीव रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल मिस्त्री, मंत्री के निजी कर्मी पिंटू कुमार, पत्रकार संतोष श्रीवास्तव, पीपीएम स्कूल के संचालक एसके सुनील, हम पार्टी के नेता वीरेन्द्र सिंह व कांग्रेस नेता प्रवीण शर्मा के खिलाफ नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम एसडीपीओ को पुलिस मुख्यालय ने निलंबित कर दिया। इसके बाद 20 अप्रैल को सीओ और बीडीओ भी निलंबित कर दिए गए। अब भी पार्टी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कार्रवाई जारी है।
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