(राकेश रंजन)राजधानी में केवल 15 लोग सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हैं, जबकि यहां कोरोना पॉजिटिव की संख्या 43 है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ये आंकड़े चौंकाते हैं। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 18 अप्रैल के बीच में राजधानी में 4 लाख 51 हजार 715 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान 21 लाख 81 हजार 574 लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की गई। उनमें 15 लोग ही ऐसे मिले, जिन्हें सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो।
उनमें से मात्र एक ऐसा पीड़ित मिला, जो राज्य के बाहर से आया है। जबकि, यहां काेराेना पीड़ितों की संख्या 43 है। वहीं, राजधानी में ओपीडी चला रहे चिकित्सकों की मानें, तो उनके पास हर दिन सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित 15-20 फीसदी मरीज पहुंच रहे हैं। राजधानी के विभिन्न इलाकों में प्रैक्टिस करने वाले तीन बड़े फिजिशियन ने बताया कि उनके क्लिनिक में हर दिन दो-तीन मरीज इस तरह के आ ही जाते हैं, जिन्हें सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ हो।
वहीं, ड्रग कंट्रोलर ने जिले के सभी दवा दुकानदारों को यह निर्देश दिया है कि अगर उनके पास सर्दी-खांसी-बुखार आदि की दवा लेने कोई भी आता हो, तो इसकी सूचना विभाग को दी जाए। अब इस पर गौर करें, तो सिर्फ 20 अप्रैल को करीब 22 लोगों ने राजधानी की विभिन्न दुकानों से ऐसी दवाएं खरीदीं। वहीं, विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले 15 दिनों में 300 से अधिक लोग ऐसी दवाएं विभिन्न दुकानों से खरीद चुके हैं।
16 अप्रैल से घर-घर हेल्थ स्क्रीनिंग हो रही
कोरोना पीड़ितों को खोजने और उनकी चेन को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग 16 अप्रैल से घर-घर हेल्थ स्क्रीनिंग करा रहा है। इसमें ऐसे पीड़ितों को खोजा जा रहा है, जो सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। इस अभियान में 28 अप्रैल तक राज्यभर के 75 लाख 23 हजार 395 घरों तक हेल्थ वर्कर पहुंचे और 40750232 लोगों की स्क्रीनिंग की। स्क्रीनिंग के दौरान 3173 ऐसे पीड़ित निकले, जिन्हें सर्दी, खांसी और बुखार है। इनमें 375 लोग दूसरे राज्यों अाैर 37 विदेश से लौटे हैं। जबकि 2761 पीड़ित ऐसे हैं, जिनका कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।
बेगूसराय और समस्तीपुर में सबसे ज्यादा पीड़ित
स्क्रीनिंग के दौरान जुटाए गए डाटा पर गौर करें, तो बेगूसराय जिले में सबसे ज्यादा 451 लोग सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित मिले। दूसरे नंबर पर समस्तीपुर जिला रहा, जहां 350 लोगों को ऐसी शिकायत है। पर इन दोनों जिलों कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या न के बराबर है। बेगूसराय में जहां अबतक मात्र नौ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, वही समस्तीपुर में अभी एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। अब गौर करते हैं मुंगेर जिले के आंकड़ों पर। मुंगेर में सबसे ज्यादा 92 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, लेकिन पिछले 15 दिनों से चल रही हेल्थ स्क्रीनिंग में यहां सर्दी, खांसी और बुखार पीड़ितों की संख्या मात्र 129 मिली। तीसरे नंबर सुपौल जिला है, जहां सबसे अधिक 288 खांसी-सर्दी-बुखार पीड़ित मरीज मिले हैं, लेकिन यह जिला भी अभी कोरोना के मामले में पूरी तरह सेफ है।
घर से नहीं निकलने से लोग स्वस्थ : डीएम
लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम घर से बाहर निकल रहे हैं, जिससे लोगों का स्वास्थ्य ठीक रह रहा है। अगर पटना में मात्र 15 लोगों को ही सर्दी-खांसी और बुखार जैसी समस्या है, तो राहत की बात है। हम लगातार स्क्रीनिंग कर रहे हैं और ऐसे लोगों पर नजर भी रख रहे हैं। जिन लोगों को ऐसी शिकायत हो रही है, उनकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है, जिसमें अधिकांश निगेटिव निकल रहे हैं। -कुमार रवि, डीएम, पटना
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