चांद के दीदार के साथ ही पाक माह रमजान शनिवार से प्रारंभ हो गया, पर ऐसा पहली बार हुआ है कि रमजान के पाक माह के लिए मस्जिदों से लेकर घरों तक कोई खास तैयारी नहीं दिख रही है। मस्जिदें सुनी है और यहां तक की तरावीह के नवाज में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मस्जिदों में भी इक्के दुक्के नमाजी ही शामिल हो रहे हैं।
सेहरी इफ्तार सब घरों के भीतर हो रहा है। परंपराओं के विपरीत दुआएं भी सामूहिक नहीं अकेले-अकेले मांगी जा रही है। रोजेदार घरों में अल्लाह की इबादत कर मुल्क के अमन चैन की दुआ मांग रहे हैं। सेवइयों की दुकानें, जो इस वक्त तक पूरे बाजार की रौनक होती थी, कहीं दिखाई नहीं पड़ रही है। जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मोहम्मद शिवगतुल्लाह ने बताया कि यद्यपि इस तरह के रमजान की कल्पना कभी किसी मुसलमान ने नहीं की थी, लेकिन हालत का तकाजा ही कुछ ऐसा है कि हमें घरों में ही ईद की सारी परंपराएं, खुशियां मनानी होगी। समाजसेव ी सह डॉक्टर एमएस परवाज ने कहा कि देश दुनिया की स्थिति को देखते
हुए मेरा हर रोजेदारों से यही दरख्वास्त रहेगा कि मनुष्य और मानवता की रक्षा के लिए घरों से ही इबादत कर अल्लाह से इस खराब वक्त को टालने की दुआ करें।
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