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Thursday, April 23, 2020

खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा

कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है कि संक्रमित अथवा संदिग्ध मरीज के जांच व इलाज में लगे डॉक्टर व कर्मियों द्वारा प्रयुक्त मेडिकल कचरे को तुरंत किसी बंद डिब्बे में डालना है। विशेषज्ञ यह अंदेशा जता चुके हैं कि मास्क, ग्ल्वस, पीपीई कीट, सुईं व अन्य से संक्रमण फैलने का खतरा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी इस गाइडलाइन का कोरोना का हब बन चुके मुंगेर में पालन नहीं हो रहा है।
अब तक 24 मरीज मिल चुके जमालपुर से लेकर मुंगेर तक में मेडिकल कचरा आम कचरे की तरह शहर में बिखरे पड़े हैं। नगर भवन के मुख्य द्वार पर बिखरा कचरा मुंगेर नगर भवन के मुख्य द्वार पर उपयोग किए गए मास्क, ग्लव्स एव दवाई की बोतल, सिरिंज आदि का अंबार लगा देखा गया। मुख्य सड़क पर फेंका गया यह मेडिकल कचरा किस क्लीनिक का है यह जांच का विषय है।
परंतु यह कोई नई बात नहीं जब मेडिकल कचरा को यत्र-तत्र फेंक दिया जाता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि कोरोना महामारी के लिए स्वास्थ्य विभाग रोज नई गाइडलाइन जारी कर रहा है। रोज नए कोरोना मरीज मिलने से मुंगेर बिहार के सबसे प्रभावित जिलों में शामिल है, इसके बाद भी सरकारी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

सदर अस्पताल में अक्सर दिखता है कचरा
बताते चलें कि 31 मार्च को भी सदर अस्पताल के डॉक्टर ड्यूटी रूम के बाहर मेडिकल कचरा फेंका पाया गया था। जिसकी खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी। स्वास्थ्य विभाग की माने तो उपयोग किए गए ग्लव्स-फेस मास्क एवं अन्य चीजों को कैरी बैग में डालकर जला देना चाहिए ताकि इन पर अगर कोरोना वायरस चिपका हो तो समाप्त हो जाए। वहीं मेडिकल कचरा को सरकार द्वारा निस्तारण करने का भी आदेश है। ज्ञात हो कि मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है।

आवारा पशुओं के लिए खतरनाक है कचरा
लेकिन इसके बाद भी प्राइवेट नर्सिंग होम आदि से निकलने वाला मेडिकल कचरा जहां-तहां सड़क पर चोरी छिपे फेंकने के कारण आवारा पशुओं की जान को भी खतरा होता है। शहर में उपयोग किए हुए इन सामानों को जहां-तहां फेंकने के कारण वायरस संक्रमण का खतरा काफी प्रबल होने की आशंका रहती है। अगर इन पर समय रहते अंकुश न लगाया गया तो आने वाले समय में कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों को ज्यादा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

आरबीएच स्कूल में बिखरा पड़ा मेडिकल कचरा
गुरुवार को जमालपुर अरबीएच स्कूल में भी यही नजर देखने को मिला। यहां मंगलवार को कोरोना संदिग्धों के जांच के लिए शिविर लगाया गया था। शिविर खत्म होने के बाद उस जगह को ना तो सैनिटाइज्ड किया गया बल्कि शिविर के दौरान उपयोग किए गए मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट आदि को वही फेंक कर स्वास्थ्य कर्मी चलते बने। इससे स्थानीय लोगों में काफी ज्यादा भय अौर आक्रोश है।

जल्द संबंधित स्थानों की होगी सैनिटाइजिंग
मेडिकल कचरा और उपयोग किए गए पीपीई किट आदि इस तरह खुले में फेंका जाना गलत है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। जल्द संबंधित जगहों की सैनिटाइजिंग करवाई जाएगी तथा स्वास्थ्य कर्मियों को भी निर्देश दिया जाएगा कि वह उपयोग कि गई वस्तुओं को जहां-तहां ना फेंके।
डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, सीएस।



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नगर भवन के मुख्य द्वार के समीप फेका पड़ा मेडिकल कचरा।


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