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Wednesday, April 15, 2020

गांव में हो रहा लॉकडाउन का बेहतर पालन शहर में लोगों को जिंदगी से ज्यादा राशन जरूरी

कोरोनावायरस से बचाव को लेकर प्रधानमंत्री ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। साथ ही जिस स्थान पर कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव नहीं मिला है वहां 20 अप्रैल के बाद कुछ बदलाव किया जाएंगे। वहीं, जिलेवासियों के लिए अच्छी बात हैं कि जिले में अभी तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसलिए 20 अप्रैल के बाद छूट की कुछ उम्मीद की जा रही है और यह तभी संभव है, जब आप लॉकडाउन के अनुपालन में धैर्य दिखाएंगे। कारण कि खतरा अभी दूर नहीं हुआ है। अब भी भारी संकट है, लेकिन अगर धैर्य दिखाया तो छूट मिलनी तय है, नहीं मानें तो 20 अप्रैल के बाद भी कोई छूट प्राप्त नहीं हो सकता है।

वहीं, दैनिक भास्कर की टीम की पड़ताल में जो बात सामने आई है, जो बहुत ही शर्मनाक है। नगर के अधिसंख्य गली-मोहल्ले में पड़ताल की गई। जहां ज्यादा समझदार और दुनिया की खबरों से ताल्लुक रखने वाले लोग हैं। वहीं, सबसे ज्यादा लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यही नहीं पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को आते देखकर लोग घर में घुस जाते है फिर पुलिस के जाने के बाद बाहर निकल जाते हैं। इसके उलट गांवों में बिना पुलिस के पहरा लगाए लोगों के घरों पर अनुशासन का ताला दिखा। हालांकि कुछ गांवों में मंदिर, चबूतरे आदि पर कुछ लोगों को एक साथ देखा गया हैं, लेकिन अधिकतर गालियां वीरान नजर आयी हैं।
गलियों में घर के बाहर बैठे रहते हैं लोग, लॉकडाउन का कर रहे उल्लंघन
कोरोनावायरस को लेकर पुलिस विभाग जितना सख्ती दिखा रही है उतनी ही कम पड़ रही है। लाठी खाने और मुर्गा बनने के बाद भी लोग लॉकडाउन में पेड़ों की छाया, घरों के सामने झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। पुलिस के पहुंचते ही दौड़कर घरों में घुसकर गेट बंद कर लेते हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे तो शामिल हैं हीं, घर के बड़े बुजुर्ग भी हैं। ये लोग न केवल अपने आसपास के लोगों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं बल्कि अन्य लोगों को भी इनसे बचकर रहने की आवश्यकता है।
शहर में वेबजह निकल रहे लोगों को पुलिस ने लौटाया
सुबह से ही शहर के हर चाैराहे पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी माैजूद रह रहे हैं। भीड़ जब बढ़ने लगी तो दोपहर 12 बजे पुलिस हरक्कत में आई और हर आने-जाने वाले काे राेककर बाहर निकलने का कारण पूछने लगे। जाे उचित कारण नहीं बता पाए उन्हें पुलिस ने सबक भी सिखाया। यहां तक की उठक बैठक भी करवाई। घराें में रहने की हिदायत देकर वापस भेजा। वहीं चांदनी चौक, दल्लु चौक व सदर थाना के मुख्य गेट पर वाहनों आदि का भी जांच किया जा रहा हैं।

सब्जी मंडी में दिख रही भीड़
शहर कटरा बाजार, चांदनी चौक, दल्लु चौक आदि जगहों भीड़-भाड़ की स्थिति अधिक देखी जा रहिए हैं। शहर की मंडी में यह भीड़ बता रही है कि इन लोगों को जिंदगी से ज्यादा राशन की चिंता है। जरूरत एक किलो आलू की है, लेकिन खरीदारी 10 किलो की कर रहे है। यहां सोशल डिस्टेंस का कोई पालन नहीं हाे रहा। लोग वेबजह घरों से बाहर निकल कर दुकानों आदि पर इकट्ठा हो रहे हैं।

गांव वालों ने खुद ही बंद किया रास्ता
वहीं, विभिन्न गांवों में ग्रामीण लॉक डाउन का सख्ती से पालन कर है। यहाँ न तो हॉटस्पॉट जोन है और नहीं प्रशासन का कोई दबाव। बावजूद सुरक्षा को लेकर गांव वाले खुद ही अपने सभी रास्ते बंद कर लिए हैं। ग्रामीण सिर्फ जरुरी समान खरीदने के लिए ही बाजार जा रहे हैं। वहीं, फसल की कटाई करने भी समय से खेत जा रहे हैं समय से ही घर वापस आकर अपने पुरे परिवार के साथ कोरोना से बचाव को लेकर सुरक्षित हो जा रहे हैं। वेवजह सड़क पर भी नहीं निकल रहे हैं। दोपहर से पूरा का पूरा ग्रामीण क्षेत्र वीरान नजर आ रहा है।

गांव में यहां स्वेच्छा कर्फ्यू है जारी

जिले के ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों ने स्वेच्छा कर्फ्यू जारी की है। लॉक डाउन लागू होने के बाद गांव में पुलिस सिर्फ़ गश्ती करने जाती हैं एवं इस दौरान बाहर घूम रहे लोगों को घर में रहने को प्रेरित कर रही हैं। इसके बाबजूद भी ग्रामीण स्वेच्छा से लॉक डाउन का पालन कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

सिविल सर्जन डॉ.वीर कुंवर सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अमला सतर्क और पूरी तैयारी के साथ है। सदर अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड में पर्याप्त बेड की सुविधा है, जबकि जिले में 58 क्वारेंटाइन सेंटर है। कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम व जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 06341- 225172, राज्य स्तरीय 104 पर संपर्क कर कोरोना वायरस की बीमारी के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।



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Better observance of lockdown in the village, people in the city need more ration than life


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