(ब्रज किशोर दुबे)शहरी क्षेत्र में छोटे घरेलू मैकेनिक के साथ ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा मजदूरों को शर्तों के साथ काम करने की छूट दी गई है। इसमें प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, टीवी मैकेनिक, आरओ वाटर, केबल वाले, एसी रिपेयर वाले आदि घर जाकर कार्य कर सकते हैं। इनके लिए पास की जरूरत नहीं होगी।
प्रमंडलीय आयुक्त की समीक्षा बैठक में डीएम कुमार रवि ने कहा कि 20 से पटना में भी ई-काॅमर्स सेवा से टीवी, फ्रिज, मोबाइल, किताब आदि सामग्री मंगाने की छूट होगी। शर्तों के साथ पाटलिपुत्र-बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग चालू करने की छूट मिलेगी। मजदूरों और कर्मियों को कार्य स्थल पर रखना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्ट-सेनेटाइजर जरूरी होगा। आर ब्लॉक-दीघा रोड, गंगा पाथवे बनेगा। मजदूरों को कार्यस्थल पर टेंट बनाकर रखना होगा। समीक्षा बैठक में डीएम के अलावा एसएसपी-डीडीसी भी थे।
मुख्यालय से 10 किमी दूर हाईवे केे होटल-ढाबे खुलेंगे
राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मालवाहक वाहनों के ड्राइवर, खलासी और अन्य कर्मियों के खाने की परेशानी को देखते हुए सभी एनएच और एसएच पर 20 के बाद ढाबा खोलने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की बैठक में कुछ शर्तों के साथ ढाबा और होटल खोलने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने सभी डीएम को नेशनल और स्टेट हाईवे पर शहर से दस किलोमीटर दूर ढाबा और होटल खोलने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि सड़क की लंबाई अधिक होने पर हर 15 किलोमीटर पर ढाबा खोला जाएगा।
मुहल्ले में काम तो पास की जरूरत नहीं
मुहल्ले में काम करने के लिए मैकेनिक को पास की जरूरत नहीं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर पहचान पत्र के रूप में एजेंसी का आईकार्ड दिखाएंगे। आईकार्ड नहीं होने पर आधार या वोटर आई कार्ड दिखाकर जा सकेंगे। मुहल्ले से बाहर काम करने के लिए एसडीओ कार्यालय से पास बनेगा।
योजनाओं के लिए अभियंतादेंगे पास
सरकारी योजना यानी सड़क, जल-नल, शौचालय आदि में काम शुरू हो रहा है। इसमें चलने वाली गाड़ियों, ड्राइवर, मजदूरों को संबंधित कार्यपालक अभियंता पास देंगे। शर्त यह होगा कि कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन, हाथ साफ कर काम करना, सेनेटाइजर का उपयोग करना है।
उद्योग चलाने के लिए बनी कमेटी, छूट देने को आज मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा
पटना जिला समेत राज्य में उद्योग चालू कराने के लिए वित्त विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। बैठक में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से सुझाव मांगा गया है। कौन-कौन उद्योग किस-किस शर्तों के साथ खोला जाए। मुख्यमंत्री के द्वारा राज्य में लोगों के रोजगार, उद्योग, कंस्ट्रक्शन सहित अन्य सेक्टरों छूट देने के संबंध में समीक्षा होगी। बैठक के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने, राजस्व बढ़ाने आदि पर निर्णय होगा।
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