विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित हेनेन के बाद सीटों के बंटवारे पेंच के कारण दिग्गजों की सांसें अटकी हैं। कई ऐसे कद्दावर नेता तो 4, 5 बार से 9-9 बार विधायक रहे फिर भी टिकट को लेकर भारी जद्दोजहद है। गठबंधन की ऐसी मजबूरी है कि प्रबल दावेदारी होने के बावजूद इन दिग्गजों में कई को भरोसा नहीं है।
पार्टी नेताओं की मानें तो किसके खाते में कौन सीट जाएगी यह जब तक तय नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। एनडीए और महागठबंधन दोनों में संशय की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद भी कद्दावर नेता भी न तो खुल कर बोल पा रहे हैं और ना ही जनता के बीच ही जाना हो पा रहा है।
चुनाव जीतने के मामले में जिले में सबसे बड़ा नाम पूर्व मंत्री रमई राम का है। बोचहां विधानसभा से 9 बार जीत का पताका लहराया। गत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी वर्तमान में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बेबी कुमारी ने उन्हें पराजित कर सभी को चौंका दिया था।

पिछला चुनाव रमई राम जदयू के टिकट पर लड़े थे। गायघाट विधानसभा क्षेत्र भी इस बार चुनाव की दृष्टि से हॉट बन गया है। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा की उम्मीदवार एवं वर्तमान वैशाली की सांसद वीणा देवी और राजद के महेश्वर यादव के बीच जबरदस्त टक्कर हुई थी।
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