नेपाल से झांसा देकर मानव तस्करी के लिए फारबिसगंज लाई गई थी युवती खरीदार से संपर्क नहीं हो पाया तो वापस लौटने के दौरान दोनों तस्कर धराए - Dainik Darpan

Hot

Post Top Ad

Wednesday, September 23, 2020

नेपाल से झांसा देकर मानव तस्करी के लिए फारबिसगंज लाई गई थी युवती खरीदार से संपर्क नहीं हो पाया तो वापस लौटने के दौरान दोनों तस्कर धराए

नेपाल में सक्रिय मानव तस्कर कम उम्र की लड़कियों को झांसा देकर मानव व्यापार के दलदल में धकेल रहे हैं। यह खुलासा विराटनगर पुलिस के चुंगल में आए दो युवक व एक युवती के गिरफ्तारी के बाद हुआ है। नेपाल से एक लड़की को झांसा देकर फारबिसगंज लाया गया, लेकिन तस्करों के पास भारतीय सिम कार्ड नहीं होने के कारण वे लड़की की यहां डिलेवरी नहीं कर सके। इस कारण उन्हें लौटना पड़ा। लौटने के दौरान विराटनगर पुलिस ने पकड़ लिया।

मोरंग एसपी संतोष खड़का से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार मानव तस्कर ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरफ्तार युवकों की टीम द्वारा संगठित होकर ऐसी कुंवारी युवती को तलाश करते है जो सुंदर हो। ऐसी लड़कियों को भारत में 16 लाख में बेचे जाने की बात पूछताछ में सामने आयी है। इस गिरोह के सरगना सप्तरी जिला निवासी सुमित कुमार मंडल है। इसके निर्देशन में सुनसरी जिले के झुमका में जूस और फूल का दुकान कर रही 22 वर्षीय युवती को फारबिसगंज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

लड़की की मां से दो घंटे के लिए विराटनगर ले जाने की बात कह ले आया था फारबिसगंज अररिया के रणधीर मंडल के मार्फत भेजी जानी थी युवती, भवन निर्माण का है ठेकेदार खुली सीमा का फायदा उठा रहे हैं मानव तस्कर, इस्लामपुर, दरहिया है सुरक्षित रास्ता।

ये सब हुए गिरफ्तार मानव तस्करी में मोनिका, सुमित व प्रदीप के विरुद्ध मंगलवार को मामला दर्ज कर लिया गया है। मोरंग एसपी संतोष खड़का ने कहा कि बच्ची को किसी तांत्रिक के कहने पर या अन्य कार्य से ले जाया जा रहा था। इसका सूक्ष्म अनुसंधान किया जा रहा है।

लड़की की मां से दो घंटे के लिए विराटनगर ले जाने की बात कह ले आया था फारबिसगंज
गिरफ्तार मानव तस्करों ने बताया कि लड़की के मां से बच्ची को दो तीन घंटे के लिए विराटनगर तक जाने देने के लिए साथ ले निकली थी। रास्ते मे सुमित मंडल को साथ लेकर चोरी छिपे जोगबनी के इस्लामपुर होते हुए फारबिसगंज तक सभी पहुंचा। लड़की किसी रणधीर मंडल के हवाले किया जाना था। लेकिन भारतीय सिमकार्ड नहीं होने के कारण लड़की लेने वाले से तस्करों का सम्पर्क नहीं हो पाया। पूछताछ में बताया कि सुमित मंडल के अररिया में रहे जीजा के मार्फत लड़की को तय स्थान पर भेजना था, लेकिन रात होने व जीजा से संपर्क नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा । गुप्त सूचना पर नेपाल पुलिस ने साना हाथ नामक संस्था के सहयोग से लड़की को अपने कब्जे में लेकर मानव तस्करी में संलग्न तीनों मानव तस्कर को गिरफ्तार कर लिया।

पहले भी सीमा पर हो चुकी है तस्कर की गिरफ्तारी
कुछ माह पूर्व काठमांडू की एक युवती को इसी तरीके से तलाश कर विराटनगर के रास्ते फिल्म की शूटिंग के बहाने किसी तांत्रिक को भेजने की योजना थी। इसकी भनक युवती को लगते ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीमा के दो नंबर बैरियर के पास से एक मारुति वैन चालक एक तांत्रिक सहित मानव तस्कर को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।

12वीं बटालियन में भी उठा था सीमा में आपराधिक गतिविधियों का मामला
शनिवार को एसएसबी 12वीं बटालियन किशनगंज मुख्यालय में विधानसभा चुनाव को लेकर आयोजित दो देश के सुरक्षा अधिकारी के बैठक में मोरंग एसपी संतोष खड़का ने कमांडेंट सुभाष नेगी, किशनगंज एसपी कुमार अश्विनी के समक्ष सीमा में होने वाले आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए संयुक्त रूप से क्विक रेस्पॉन्स टीम बनाने का आग्रह किया था। इसमें मुख्य रूप से मानव तस्करी, हथियार रोकने के लिए मौखिक सहमति भी हुई थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नेपाल के विराटनगर में पुलिस की गिरफ्त में दोनों तस्कर।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3j2QNUY

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad