पटना के राजेंद्रनगर स्थित जिस घर काे चाेराें ने खंगाल दिया, उसमें 1960 के दशक में महान साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु रहते थे। उन्हाेंने यहां रहकर कई किताबें लिखी थीं। अब यह मकान जर्जर हो गया है। देखभाल के लिए उनके छाेटे पुत्र दक्षिणेश्वर प्रसाद राय के साले गौरव कुमार इस मकान में रहते हैं। 10 दिन से वे गांव गए थे, इसलिए घर बंद था।
दरियापुर गाेला में रहने वाली रेणु की पुत्री ने बताया कि भाई लोग पटना आते हैं, ताे इसी मकान में रहते हैं। बाबूजी की सारी धराेहर चली गई। दिल्ली में रह रहे दक्षिणेश्वर ने कहा कि चोर उनकी कालजयी रचनाएं चुरा ले गए। पहला संस्करण था जिनपर उनके हस्ताक्षर थे। सब चाेर लेकर चले गए।
आज उनकी दूसरी माैत हाे गई। उन्हाेंने कहा कि 1972 में उन्हाेंने फारबिसगंज से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उनका चुनाव चिह्न नाव था। उन्हाेंने कहा था कि चुनाव जीत गए तो छाेटा उपन्यास लिखूंगा और हारे ताे माेटा। चुनाव हार गए ताे कागज की नाव लिखा था।
सीसीटीवी फुटेज में चोरी का सामान बांटते दिखे दाे चाेर
सूत्राें के अनुसार, राजेंद्रनगर रोड नंबर 12 में लगे एक सीसीटीवी फुटेज में दो लोग कुछ सामान का बंटवारा करते दिख रहे हैं। इसमें एक चापाकल भी दिख रहा है। इससे लग रहा है कि इन्हीं दो लोगों ने किताबों की चोरी की है। इस घटना के पीछे स्थानीय चाेराें का हाथ है। गहने या नकद की चाेरी नहीं हुई है।
जनवरी में पैतृक गांव में हुई थी चाेरी
फणीश्वर नाथ रेणु मूल रूप से फारबिसगंज के हिंगना औराही के रहने वाले थे। बिहार सरकार ने उनके गांव में पाैने दाे कराेड़ की लागत से रेणु स्मृति भवन बनवाया है। इसी साल जनवरी में इसी स्मृत भवन के कमराें का ताला ताेड़कर चाेर करीब 9 लाख का सामान चुरा ले गए थे।
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