बेतिया/बैरिया.बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी द्वारा दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर अपनी पत्नी को अपने चार दोस्तों के हवाले कर उसका गैंगरेप करा वीडियो बनाने व उसे वायरल करने की धमकी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पीड़िता ने मुख्यमंत्री को आवेदन दिया है। जिसके बाद डीजीपी के आदेश पर बैरिया थाना ने आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले में कार्रवाई में जुट गई है।
बच्ची के जन्म के बाद पहुंची मायके
किसी प्रकार समय गुजारने के बाद 30 नवंबर 2017 को पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोपी ने 14 सितंबर 18 को पीड़िता को उसके मायके जाने दिया। मायके जाने के बाद पीड़िता ने सारी आपबीती अपने परिजनों को सुनाई। इसके बाद सब आवाक रह गए। पीड़िता ने बताया कि वह गरीब लोग हैं। उसके पिता दिल्ली में रहकर ऑटो चलाते हैं। वह उन्हीं के पास रहती है।
पीड़िता की आपबीती :बुलेट नहीं मिली तो पति काम-धंधा छोड़ घर लौटा और मेरे जेवर जेवर बेच दिए
एफआईआर में पीड़िता ने कहा है कि उसकी शादी आरोपी से 27 दिसंबर 2014 को मुस्लिम रीति रिवाज से हुई थी। शादी के तीन चार माह तक उसका पति ठीक ठाक से रहा। उसके बाद वह पीड़िता से मारपीट कर उसे प्रताड़ित करने लगा। प्रताड़ित कर पीड़िता को अपने मायके से 500 सीसी का बुलेट मांगने का दबाव बनाने लगा। आरोपी ने कहा कि जब बुलेट मिलेगा तभी वह पीड़िता को अपने पास रखेगा। इसके बाद जब कुछ लोगों ने समझाया तो वह कमाने के सिलसिले में 18 अगस्त 2016 को बाहर चला गया। लेकिन दो माह में ही 29 अक्टूबर 2016 कोे घर वापस आ गया। घर आने के बाद पीड़िता का सारा जेवर बेच डाला। 16 नवंबर 2016 को दोस्त के घर पार्टी की बात कह पीड़िता को ले गया। जहां पार्टी नहीं थी। लेकिन उसके चार दोस्त वहां पहले से मौजूद थे। इसके बाद आरोपी पति ने पीड़िता का जबरन एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। जिसके बाद वहां मौजूद चारों लोगों ने दो दो बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस बीच आरोपी ने एक वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देने लगा। कहा कि कही मुंह खोली तो वीडियो वायरल कर जान से मार दूंगा। इसके कारण पीड़िता चुप रही। इस बीच उसे मायके से भी बात करने पर पाबंदी लगा दी गई।
दिल्ली में भी कराई थी प्राथमिकी फिर केस बेतिया आया, अब हुई हलचल
एफआईआर में पीड़िता ने कहा है कि पति के चंगुल से निकलकर मायके जाने के बाद परिजनों से आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनाें के साथ जाकर दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई। जहां से उस एफआईआर को बेतिया एसपी कार्यालय भेजा गया। लेकिन बेतिया एसपी कार्यालय ने उसपर कोई एक्शन नहीं लिया। परिजन जब बेतिया एसपी कार्यालय गए तो उनकी फरियाद भी सुनने वाला कोई नहीं था। इसके बाद पीड़िता ने 29 दिसंबर 2019 को बिहार के मुख्यमंत्री को आवेदन दिया। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर बैरिया पुलिस ने 2 मार्च 2020 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद पीड़िता को उम्मीद जगी है कि न्याय मिल पाएगा।
मामले में जो भी दोषी होगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
पीड़िता के मामले की जांच करवाई जा रही है। मामले में जो भी दोषी होगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा। -निताशा गुड़िया, एसपी बेतिया
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