जिले के तीन प्रखंडो को छाेड़कर दूसरे किसी भी प्रखंड में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। हालांकि जिले पूर्वांचल में एक भी मरीज सामने नहीं आया है। उचकागांव, भोरे और थावे मरीज सामने तो आए लेकिन सभी मरीज ठीक होकर अस्पताल से अपने-अपने घर पहुंच गए हैं। बावजूद जिले में सैंपलिंग रिपोर्ट आने की धीमी रफ्तार चिंता बढ़ाने वाली है। सरकार द्वारा गोपालगंज को कोरोना मुक्त जोन भले ही घाेषित किया गया हों लेकिन यहां पर कम हुई सैंपलिंग से खतरा टला नहीं मान सकते। दूसरे प्रदेश से लौटे कई लोगों ने अपनी सैंपलिंग नहीं कराई। इन लोगों ने को होम क्वारेंटाइन का बहाना बनाकर खुद को घरों में रखा है।
- जिले में बाहर से 13 हजार से ज्यादा मजदूर लौटे। प्रशासन के रिकॉर्ड में 11,500 दर्ज हैं।
- सदर अस्पताल के अलावा किसी भी सामुदायिक अस्पताल में कोरोना सैम्पल की कोई व्यवस्था नही हैं।
- सदर अस्पताल में वर्तमान में एक भी आईसोलेट नहीं है, क्वारेन्टाइन में 145 लोग हैl
- विदेश से कुल 2600 लोग लौटे। लक्षणों के आधार पर 40 फीसदी के सैंपल लिए गए। हालांकि की सभी रिपोर्ट निगेटिव है।
- जिले में 927 लोगों का सैंपल लिया गया है। जिसमें अभी तक 884 लोगों का सैंपल रिपोर्ट आया है। जो निगेटिव पाया गया।
- 1 लाख 76 हजार 854 घरों में 11 लाख 50 हजार लोगों का डोर-टू-डोर सर्वे किया गया, इनमें 143 सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज मिले हैं।
- सबसे अधिक मौसमी बीमारी के 78 लोग मांझा प्रखंड में पाए गए है तो कम थावे व बैंकुठपुर में हैं।
लापरवाही... बाहर से आने वाले ज्यादात्तर नही हुए आइसोलेट :जिले में विदेशों से 2600 और दूसरे प्रदेशों से 11,500 लोग आए। सभी को क्वारेंटाइन करने के मकसद से जिले में 239 क्वारेंटाइन सेंटर खोले गए हैं। इनमें से 50 फीसदी होम आइसोलेशन के बहाने घरों पर रह गए।
जागरुकता. सुरक्षा के लिए मुख्य रास्ता बंद किया
जिले सुदूर देहातों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दानापुर, वृंदावन व इटवा के ग्रामीणों ने खुद ही गांव के मुख्य रास्ते को सीलकर बैनर लगा दिया। ताकि गांव के अंदर का कोई व्यक्ति लॉकडाउन के दौरान गांव से बाहर नहीं जाए और नहीं बाहरी व्यक्ति अंदर आए।
खतरा डॉक्टर,पुलिस के पास सुरक्षा उपकरण नहीं
डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ को पीपीई किट से लेकर हैड कैप, एन-95 मास्क, अच्छी क्वालिटी का सैनिटाइजर व दस्ताने पर्याप्त नहीं हैं। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की यूपी बॉर्डर पर ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
अनदेखी... बाहरी राज्यों से 12 हजार मजदूर आ गए
लॉकडाउन के बाद दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी सहित अन्य प्रदेशों से 11,500 ज्यादा मजदूर आए। लेकिन इन मजदूरों की सैंपलिंग तक नहीं हुई। इनमें से कई मजदूर हॉट स्पॉट वाले इलाकों से लौटे। इसके बाद भी उनकी स्क्रीनिंग न होना गंभीर बात है।
मनमानी ..... बेवजह घूमने निकल रहे हैं सड़कों पर लोग
सुबह 6 से शाम 5 बजे तक राहत मिलने पर लोग बड़ी संख्या में बाजार में निकल पड़े। कलक्ट्रेट रोड पर बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे। जिन्हें कोई काम नहीं था। कई जगह समयसीमा के बाद भी दुकान खोल रखी थी।
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