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Tuesday, April 21, 2020

भारी बारिश से खेतों में बर्बाद हुए गेहूं के बोझे,चार साल में 8 वीं बार आपदा की मार

तेज बारिश के कारण प्रखंड में गेहूं की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हुई है। इससे किसानों में अनाज को लेकर परेशानी बढ़ गई है। सोमवार की रात फिर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। 22 पंचायतों वाले बैकुंठपुर प्रखंड की आबादी ढाई लाख है। तीस प्रतिशत किसान गेहूं की कटनी करने के बाद दौनी कर फसल अपने-अपने घरों में सुरक्षित कर लिए थे। 40 प्रतिशत किसान गेहूं की दौनी बाकी थी। दौनी के लिए किसान थ्रेसर मशीन खाली होने का इंतजार कर रहे थे। तभी सोमवार की रात ओलावृष्टि व तेज बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेतों में दंवरी के लिए रखे गए बोझे व बालियों में लगे दाने फूल गए हैं। ऐसे में किसान अपनी बर्बादी पर माथा पीट रहे हैं। 30 प्रतिशत किसानों की गेहूं अभी खेत में ही है। कटनी नहीं होने से किसान फसल की दंवरी नहीं करा पाए थे।

दिन भर ठप रही बिजली | प्रखंड मुख्यालय सहित 155 गांवों में बिजली की आपूर्ति दिन भर ठप रही। सोमवार की रात ओलावृष्टि व तेज हवा के कारण कई जगहों पर 11 हजार वोल्ट के तार पर पेड़ गिरने की सूचना है। जिससे आपूर्ति बाधित हो गई है। जेई प्रकाश कुमार सिंह ने बताया कि मानव बल एवं लाइनमैन को बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए लगाया गया है। शीघ्र ही आपूर्ति सुचारू कर ली जाएगी।

अगले तीन दिन तक कटनी रूकी | खेतों में पक कर तैयार गेहूं की फसलें गिली हो चुकी हैं। खेतों में पानी लगने से अगले तीन-चार दिनों तक कटनी होने की उम्मीद नहीं है। फैजुल्लाहपुर गांव में दरवाजे पर रखे गए गेहूं के बोझे और भींगी बालियां किसानों की को मुंह चिढ़ा रही है। गेहूं की फसल पर लगातार कई बार ओलावृष्टि व तेज आंधी कहर बरपा चुकी है। बर्बादी से त्रस्त किसान अब मुआवजे की मांग शुरू कर दिए हैं। लॉक डाउन की स्थिति में किसान पहले से ही तबाही झेल रहे थे। लेकिन फसलें बर्बाद होने से अगले एक साल तक उन्हें इस समस्या से जूझना पड़ेगा।

सरकारी कार्यालयों के समीप जलजमाव से परेशानी :सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक हुई मूसलधार बारिश से सरकारी कार्यालयों के समीप जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप जलजमाव से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैकुंठपुर थाना परिसर, प्रखंड व अंचल कार्यालय, एसएफसी गोदाम,मनरेगा कार्यालय,बीआरसी सहित अन्य कार्यालयों के समीप बारिश का पानी जमा हो गया है। श्यामपुर- रेवतिथ मुख्य पथ पर डेढ़ से दो फीट तक पानी बह रहा है।

आपदा सचिव को पत्र लिखकर मांगी सहायता :असमय वर्षा के कारण गेहूं के फसलों का भारी नुकसान हुआ है। सामान्य से अधिक होने के कारण किसानों की भारी क्षति को देखते हुए बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सरकार के आपदा सचिव को पत्र लिखकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान राशि से गोपालगंज के लाखों किसान वंचित हो गए हैं । इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अति वृष्टि के कारण किसानो के गेहूं के फसल जो नुकसान हुए है। फसल की हुई क्षति को आपदा मानते हुए आपदा के तहत किसानो को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए ।

कहां कितनी बारिश
बैकुंठपुर प्रखंड में 44.2 मिमी, सिधवलिया में 56.6 मिमी, बरौली में 34.6 मिमी, मांझा में 56.8, कुचायकोट में 53.8, हथुआ में 30.6 मिमी, उचकागांव 28.8, फुलवरिया में 43.6 , भोरे 28.8 , कटेया 31 , पंचदेवरी 30, और विजयीपुर में 9.0 मिमी वर्षापात हुई हैं। जबकि इस महीने का सामान्य वर्षापात 10.6 मिमी है।



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Wheat wasted in fields due to heavy rains, disaster struck for the 8th time in four years


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