भोजपुर जिले में बंद पड़े सभी प्रकार के निजी स्वास्थ्य सेवा (ट्रस्ट व चैरिटेबल) संस्थानों को 24 घंटे के अंदर खोलने का आदेश जिला प्रशासन के द्वारा दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाली संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिले के सभी निजी अस्पातल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, फॉर्मेसी, डायग्नोस्टिक सेंटर(पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी) के प्रबंधक व संचालक इसे ले पत्र जारी कर दिया गया है। जिले में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण और स्वास्थ्य विभाग से मिले आदेश के बाद डीएम रोशन कुशवाहा ने इस तरह का निर्देश मंगलवार को जारी किया गया है। खुलने वाले इन संस्थानों में सभी कर्मियों को ड्यूटी पर तैनात रखने के साथ सभी प्रकार दवा मौजूद रखने का कड़ा निर्देश दिया गया है। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का कड़ाई से पालन कराते हुए कर्मियों को सुरक्षा के सभी सामानों से लैस रखने को कहा गया है। कोविड-19 के संदिग़ध मरीज के निजी अस्पताल में आते ही उसकी ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी ले तीन घंटे में इसकी रिपोर्ट सीएस को करने है। डीएम ने 24 घंटे में स्वास्थ्य संस्थानों काे नहीं खोलने पर कोविड-19 और 2020 ऐपीडेमिक एक्ट 1897 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
डॉक्टरी सलाह को 8010111213 हेल्पलाइन नंबर किया गया जारी
लॉकडाउन के कारण लोगों को इलाज कराने में काफ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे निपटने को स्वास्थ्य विभाग ने एक टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसका नंबर 8010111213 है। इस पर केवल मिस्ड कॉल करते ही कॉल सेंटर से कॉल चला जायेगा। इसके बाद लक्ष्ण पूछ कर मैसेज के दवा की जानकारी दी जाएगी।
मालवाहक वाहनों की मरम्मत के लिए रोटेशन पर खोला जाएगा गैराज
भोजपुर जिले में मालवाहक वाहनों की मरम्मत के लिए रोटेशन पर शहर में गैरेज व उनके खाने की व्यवस्था के लिए ढाबा खोलने का आदेश दिया गया है। इसे ले डीएम ने जिले के आरा, जगदीशपुर व पीरो अनुमंडल के एसडीओ को जरूरत पड़ने पर पास देने का भी निर्देश दिया है। सभी एसडीओ को शहर में 2-2 गैरेज को रोटेशन पर खोलने के साथ मुख्य मार्ग पर 10-10 किलोमीटर की दूरी पर ढाबा खोलने को कहा गया है।
9 गांव में नहीं हो रहा सैनिटाइजेशन, सरकारी कार्यालयों का किया गया सैनिटाइजेशन
आरा/बड़हरा | प्रखंड में कोरोना का पहला मरीज मिलने के बाद भी इलाके में मंगलवार को लोगों के बीच डर का माहौल देखा गया। रामपुर गांव में दुसरे दिन फायर ब्रिगेड के वाहन से करीब 200 घर को सेनेटाईजर का काम किया गया। वहीं गलियो में मानव बल के सहारे सेनिटाइजर का काम कराया गया। एरिया के 9 गांवो में सेनेटाजर का काम शुरू नहीं किया गया है। पीएचसी बड़हरा के मेडिकल टीम द्वारा गांव में 237 लोगो का थर्मल स्क्रीनिंग हुआ। जिसमें दो लोगो का अधिक तापमान मापा गया। अन्य सभी लोगो का सामान्य रहा। गांव के चारों तरफ के एरिया प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है। फिर भी लोग गांवो में घुमते नजर आये। पंचायत के मुखिया बीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि रामपुर गांव की आबादी करीब 2000 के आसपास है। जहां 275 घर में लोग निवास करते है। कोरोना के डर से सभी डरे हुए है। प्रशासन द्वारा दूसरे दिन मंगलवार को फायर ब्रिगेड के वाहन से गांव के 200 घर, आने जाने वाले सड़क व रास्ता, गली, घरो के दिवाल को सेनेटाजर किया गया।
सरकारी ऑफिस को किया गया सैनिटाइज
कोरोना को ले प्रखंड के सभी सरकारी कार्यालय को सेनेटाईज किया गया। जिसमें बड़हरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय, बड़हरा थाना, पीएचसी बड़हरा व अन्य को सेनेटाईजर करा सुरक्षित कर दिया गया। वही दफ्तरो में खड़ी वाहनो को भी सैनिटाइज किया।
प्रसव के दौरान दी जाने वाली सेवा होगी नियमित
गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान दी जाने वाली जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित करने निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने दिया है। इसे ले उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इसे लागू करने का आदेश दिया है। निदेशक ने तीन माह( अप्रैल, मई एवं जून) में जिन गर्भवती महिलाओं की एस्टीमेटेड डेलिवरी डेट(संभावित प्रसव दिन) हैं। स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से चिन्हित कर लाइन लिस्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी कार्य करने के लिए कुछ कार्यालय खुले
बड़हरा मेें कुछ सरकारी कार्यालय जरूरी कार्य करने के लिए खुला रहेंगे। खुले हुए कार्यालय के कर्मियों व अफसरों के द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र से जुड़े कार्य किये जा रहे है।- माधव कुमार सिंह, डीटीओ सह बड़हरा के प्रभारी पदाधिकारी
कोरोना निषेध क्षेत्र में खुले रहे कई सरकारी कार्यालय, कुछ देर बाद बंद हुई पीएनबी शाखा
आरा /बड़हरा | भोजपुर जिले में कोरोना का पहला मरीज मिलने के बाद उसके घर के चारों तरफ 3 किलोमीटर के एरिया को निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। इस बारे में सोमवार को जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया था। जिसके तहत इस परिधि में सभी प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों के बंद रखने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद मंगलवार को निषेध क्षेत्र में आपात सेवाओं के अतिरिक्त भी विभिन्न सरकारी कार्यालय खुले रहे। कार्यालयों में उन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक खुला, पर बाद में वरीय अधिकारियों का हवाले देते हुए बंद कर दिया गया। इस प्रकार कोरोना बचाव के लिए निषेध क्षेत्र घोषित किए गए परिधि में दो प्रकार के वाकये हुए। इससे लोगों में जिला प्रशासन के आदेश के बारे में भ्रम की हालत रही।
58 वर्षीय मरीज की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई मौत
बड़हरा क्षेत्र के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीज का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि सदर अस्पताल में मंगलवार की दोपहर इलाज के दौरान चरपोखरी के 58 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। मरीज को खांसी सर्दी के अलावा बुखार एवं हांफ था। सदर अस्पताल लाने के 10 मिनट के भीतर इलाज के दौरान संदिग्ध बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद इलाज कर रहे डॉक्टर एवं कर्मचारी में हड़कंप मच गया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन के और लोग वहां पहुंचे। इसके बाद संदिग्ध मृत मरीज एवं उसके दोनों बेटोंं का डॉक्टर ने सेफ्टी किट पहनकर स्वाब टेस्ट लिया।
मृतक के दोनों बेटे को पहले ही किया गया था होम क्वारान्टीन, हरियाणा से 20 दिन पहले लौटे थे गांव : बताया जा रहा है कि चरपोखरी के मृतक बुजुर्ग के दोनों बेटे लॉक डाउन के बाद हरियाणा से ट्रेन से सफर कर के लौटे थे। जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों को होम क्वॉरेंटाइन की सलाह दी थी। करीब डेढ़ सप्ताह से दोनों बेटे होम क्वॉरेंटाइन थे। एक बेटा 15 दिन बीत जाने के बाद अपने पिता को लेकर पहले चरपोखरी अस्पताल में पहुंचा था। स्थिति गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया था।
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