लॉकडाउन अवधि में बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह व दत्तक गृह में रहने वाले बच्चे मानसिक अवसाद में नहीं आएं, इसके लिए साइको सोशल सपोर्ट के माध्यम से उनकी काउंसेलिंग की जा रही है। नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एकता राज और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट मीनाक्षी कुमारी तीनों गृह में बच्चों को अवसाद से बचाने के लिए उनकी काउंसेलिंग कर रही हैं ताकि वे डिप्रेशन में नहीं आएं। वहीं, बाल संरक्षण इकाई की ओर से इन बच्चों को मेडिटेशन और योगा कराने की भी सलाह दी गई है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एकता राज और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट मीनाक्षी कुमारी ने बताया कि पर्यवेक्षण गृह में रहने वाले बच्चे अपने माता-पिता से लॉकडाउन के कारण नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में काउंसेलिंग के जरिए यह बताया जा रहा है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। दत्तक गृह और बाल गृह में विभाग को बच्चों की फिजियो थेरेपी और स्पीच थेरेपी कराने की सलाह दी गई।
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