कोरोना संक्रमिताें को चिह्नित करने के साथ-साथ एईएस व जेई प्रभाविताें की सूची भी तैयार की जाएगी। सीएम के आदेश के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी दिनभर सर्वे की रणनीति बनाने में जुटे रहे। सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो की तर्ज पर जिले के सभी प्रखंडाें में 1 मई से अभियान शुरू होगा। वहीं 5 मई तक हर हाल में सर्वे पूरा करना है। इस बार रीविजिट नहीं हाेना है।
अभियान के दौरान एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी डोर टू डोर सर्वे करेंगे। अभियान के लिए सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। साथ ही सभी प्रखंड के पीएचसी प्रभारियों को अलर्ट कर दिया गया है। सर्वे के दौरान एईएस व कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्यकर्मी लोगों को जागरूक भी करेंगे। डीआईओ आरपी सिंह ने बताया कि पहले से सर्वे हुए गांवाें में टीम नहीं जाएगी। कोरोना के फॉर्मेट में ही एईएस के लिए 3 कॉलम बढ़ाया जाएगा। सर्वे टीम व सुपरवाइजर की अाेर से प्रतिदिन जिला मुख्यालय को रिपाेर्ट साैंपी जाएगी। बता दें कि हाल में काेराेना संक्रमिताें काे चिह्नित करने के लिए 70 हजार घरों की स्क्रीनिंग हुई थी। उक्त स्क्रीनिंग 8 दिनों में रीविजिट के साथ पूरी हुई थी। उक्त गांवाें में एईएस के लिए अलग से सर्वे कराने पर विचार किया जा रहा है।
एईएस से मृत जुड़वां बहनों काे नहीं मिला था पाेषाहार, सीडीपीअाे बोलीं- इस माह भी दाेनों काे चावल, दाल और सोयाबीन दिया गया
मुशहरी | रजवारा भगवान के रोशनपुर चक्की गांव की एईएस से मृत जुड़वां बच्चियों के पिता सुखलाल सहनी ने बताया कि उनकी चार बच्चियां हैं। उनमें एक जीवित पुत्री राधा कुमारी का आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकन पूर्व से था। उसके नाम पर पोशाक राशि के अलावा तीन-चार दिन पहले दो किलो चावल और आधा किलो दाल सेविका द्वारा उपलब्ध कराया गया था, जबकि मृत सुखी अाैर माैसम भी अांगनबाड़ी केंद्र में नामांकित थी, लेकिन उन्हें कभी पोशाक अाैर पाेषाहार की राशि मिली। एक बच्ची 7 साल की है। अांगनबाड़ी केंद्र -130 की सेविका इंदू कुमारी ने बताया कि मृत दोनों बच्चियाें का आंगनबाड़ी केंद्र में दो माह पहले नामांकन लिया गया था। सीडीपीओ मंजू कुमारी ने बताया कि चार वर्षीय मृत दोनों जुड़वां बच्चियाें का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पर पूर्व से अंकित था। लाॅकडाउन की अवधि में मृत दोनों बच्चियाें के नाम पर पोषाहार का कच्चा अनाज चावल, दाल और सोयाबीन अप्रैल माह में दिया गया है। एईएस प्रभावित रजवारा पंचायत के सभी वार्ड में हर घर सर्वे शुरू कर दिया गया है। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
मृत बच्चियों के परिजन को 10 लाख मुआवजा देने की मांग : जुड़वां बहनाें की माैत के बाद बुधवार काे भाकपा-माले व सावित्रीबाई फुले ब्रिगेड के सदस्याें ने गांव में धरना दिया। अविलंब मेडिकल कैंप लगा सभी बच्चों की जांच कराने व मृत बच्चियों के परिजन को 10 लाख मुआवजा देने समेत कई मांगें सरकार से कीं। धरना का नेतृत्व भाकपा माले प्रखंड सचिव शत्रुघ्न सहनी व सावित्रीबाई फुले ब्रिगेड की प्रियंका कुमारी ने किया।
एईएस से बचाव-जागरूकता काेप्रशासन प्रकाशित करेगा बुकलेट
एईएस से बचाव और जागरूकता के लिए जिला प्रशासन विशेष बुकलेट का प्रकाशन करेगा। इसके लिए तैयारी जाेर-शाेर से शुरू हाे गई है। डीएम डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने बुकलेट तैयार कराने की जिम्मेदारी दाे अधिकारियों काे सौंपते हुए डीपीआरओ काे सहयोग करने के लिए कहा है। इस विशेष बुकलेट में जिले के अार्थिक, सामाजिक व भाैगोलिक डाटा के साथ एईएस/चमकी बुखार से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे। साथ ही उसमें जिले की 196 पंचायतों काे गाेद लेनेवाले अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर भी पंचायतों के साथ बुकलेट में उपलब्ध रहेंगे। गांवाें काे एंबुलेंस से किए गए टैग व उपलब्ध कराए गए वाहनों के सबंध में भी जानकारी दी जाएगी।
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