जिला में अभी तक एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं। जबकि सीमावर्ती जिला बेगूसराय व दरभंगा में लगातार मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के लोग समझने को तैयार नहीं है कि उनकी एक छोटी सी भी लापरवाही कोरोना वायरस के संक्रमण को क्षेत्र में प्रवेश कराने में कारगर साबित हो सकता है। गुरुवार को भी शहर के सभी जगहों पर अधिकांश लोगों को बिना मास्क व गमछा लगाए घूमते देखा गया। वहीं राशन, दवा व फल विक्रेता द्वारा भी यह लापरवाही देखने को मिल रही थी। हालांकि कुछ समझदार लोग व दुकानदार मास्क व गमछा का उपयोग करते भी पाए गए। परंतु सेनेटाइजर का उपयोग किसी भी दुकान में नही हो रहा था। वहीं सोशल डिस्टेंस का तो दूर-दूर तक कोई पालन करने को तैयार नही दिखा। सभी जगहों पर आम दिनों की भांति एक साथ भीड़ झुंड बनाकर दुकानों में खरीददारी करते देखे गए। जबकि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को अपने-अपने घरों से बाहर निकलने पर मास्क व गमछा का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। इधर शहर के राशन, दवा, सब्जी, फल, मिट, मछली, मुर्गा, अंडा दुकानों पर खरीद-बिक्री करते समय ग्राहकों व दुकानदारों द्वारा भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही किया जा रहा है। साथ ही इन जगहों पर सेनेटाइजर का भी संसाधन का अभाव देखा गया। इस तरह की लापरवाही ग्राहकों व दुकानदारों की ओर से बरतकर कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ावा देने के लिए काफी है।
10 प्रतिशत लोग खुलेआम कर रहे उल्लंघन
सोहन प्रसाद, संयोजक, जन चेतना मंच सह बलान नदी बचाओ अभियान समिति ने कहा कि वैश्विक महामारी नोवेल कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए लॉकडाउन का पालन कराने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह फैल साबित हो रही है। जिस तरह से शहर की स्थितियों को दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम सर देखने व पढ़ने को मिलता है वह काफी चिंताजनक है। जबकि शहर के 90 प्रतिशत बुद्धिजीवी वर्ग के लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। वहीं 10 प्रतिशत लोग खुलेआम इसका उत्ल्लंघन, कहीं ऐसा न हो जाय कि 90 पर 10 प्रतिशत भारी पड़ जाय। लोगों से भी आग्रह होगा कि वह इस संक्रमण की चेन बनने की जगह लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चेन को तोड़ने में मदद करें, ताकि हम व हमारा समाज, देश के लोग कोरोना से मुक्त राह सके।
लॉकडाउन में निर्माण कार्य, मजदूर दे रहे वायरस के संक्रमण को आमंत्रण
दलसिंहसराय|नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से लगाए गए लॉकडाउन का खासा असर देखने को नही मिल रहा है। जहां एक ओर केवल निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सा सेवा, दूरसंचार सेवा, बैंकिंग एटीएम सेवाएं, डेयरी व डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, खाद्यान्न व किराने के प्रतिष्ठान, फल सब्जियों की दुकानें, दवा की दुकानें व सर्जिकल आइटम से संबंधित संस्थान, पेट्रोल पंप व सीएनजी स्टेशन, एलपीजी गैस एजेंसी, पोस्ट ऑफिस व कुरियर सेवाएं, ई-कॉमर्स सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया को लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है। वहीं दूसरी ओर शहर के महावीर चौक स्थित होटल, घाट नवादा के कई जगहों सहित ग्रामीण इलाकों में मजदूर धड़ल्ले से गृह, होटल, दुकान का निर्माण कार्य करते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को आमंत्रण दे रहे हैं। हालांकि ऐसा नही होना चाहिए था। जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री लोगों को घर में रहने की गुजारिश कर रहे हैं।
कहते हैं अधिकारी
इस लॉकडाउन अवधि में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य का आदेश नपं की ओर से किसी को भी नहीं दी गई है। सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री सात निश्चय जैसे सरकारी कार्य को ही करने का आदेश है। आम जनता द्वारा इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार रंजन, ईओ, नपं दलसिंहसराय
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3aYOcGY
No comments:
Post a Comment