कोरोना संकट के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है। फरवरी, मार्च और फिर अप्रैल में बारिश व ओलावृष्टि से रबी उत्पादन कम होगा। माना जा रहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10% उत्पादन कम होगा। पिछले साल राज्य में गेहूं 64 लाख टन गेहूं हुआ था। इस साल 58 से 60 लाख टन होने की संभावना है। हालांकि, शुरू में कृषि विभाग का आकलन था कि 68 से 70 लाख टन होगा। वर्ष 2018-19 में बिहार में 64.95 लाख हेक्टेयर में 163.11 लाख टन कुल अनाज का उत्पादन हुआ था। अप्रैल मंे आंधी के साथ बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। फल, सब्जी, फसल को नुकसान ज्यादा पहुंचाया। दौनी नहीं होने से गेहूं व अन्य रबी की बर्बादी हुई है। अप्रैल में हुए नुकसान की रिपोर्ट विभाग ने सभी जिलों से मांगी है।
किसानों काे दिया जा रहा है इनपुट अनुदान : प्रेम
इधर, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि से फसल क्षति के लिए किसानों को इनपुट अनुदान दिया जा रहा है। मार्च में हुए नुकसान के लिए एक और आवेदन 23 जिलों के किसान 4 से 11 मई तक दे सकते हैं। अभी फरवरी में नुकसान की रािश खाते में भेजी जा रही है।
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