जिले में बढ़ रही गर्मी को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में सभी 16 प्रखंडों में कार्यरत विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं को हर हाल में कार्यरत रखने के लिए 107 प्रकार की जलापूर्ति योजनाएं कार्यरत है। इसके देख रेख व मेंटनेंस को लेकर चलंत मरम्मत वाहन दल को डीएम उदिता सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम ने कहा कि जिले में गर्मी बढ़ रही है। विभिन्न स्थानों पर चापाकल खराब होने की सूचना थी। इसी को लेकर पीएचईडी विभाग के द्वारा सभी प्रखंडों के खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के लिए चलंत मरम्मत दल भेजा गया है। जिलें का औसत जलस्तर 18.6 फीट है। ऐसे में चापाकल के ठीक रहने पर लोगों को जल की समस्या नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सभी वाहनों के लिए अलग-अलग संपर्क नंबर है। इसके लिए पीएचईडी के जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 06224-260320 पर शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
मौके पर पीएचईडी कार्यपालक अभियंता ई. मनोज कुमार के अलावे अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। वहीं पीएचईडी कार्यपालक अभियंता ने बताया कि संपूर्ण जिले में सर्वे किया गया था जिसमें विभिन्न प्रखंडों में खराब चापाकल की 350 से अधिक शिकायत सूचीबद्ध की गई है। इसके आलोक में सभी कार्य को पूर्ण करने के लिए संवेदक को जवाबदेही दी गई है। 16 प्रखंड के लिए तीस वाहन दिया गया है जिसमें दो चापाकल मिस्त्री एवं एक सहायक है। वाहनों में चापाकल मरम्मत को लेकर पलंजर, हैडिंल, वाशर, नट बोल्ट आदि सामग्री रखी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। जिलें के खराब पड़ें चापाकलों का लिस्ट तैयार किया जा चुका है, जिले भर में चापाकल ठीक कराने के लिए 30 टीम को लगाया गया है अब तक 132 चापाकलों की मरम्मति की जा चुकी है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2SilE4t
No comments:
Post a Comment