सीवान व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रामायण राम के साथ बिहार यूपी सीमा के मेहरौना चेकपोस्ट पर घेहरौना चौकी इंचार्ज एसआई वीरेन्द्र यादव द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के बाद से बिहार न्यायिक सेवा संघ अब एक्शन में आ गया है। बिहार न्यायिक सेवा संघ के सचिव सह किशनगंज एडीजे अजित कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पूरे मामले से अवगत कराते हुए देवरिया के एसपी और आरोपी मेहरौना के चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई करने की मांग की है। घटना से नाराज बिहार न्यायिक सेवा संघ ने देवरिया एसपी और आरोपी मेहरौना चौकी इंचार्ज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया है।
सीवान डीएम द्वारा निर्गत पास के बाद भी जाने से रोका, पांच घंटे बाद लौटा दिया
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में बिहार न्यायिक सेवा संघ के सचिव सह किशनगंज एडीजे अजित कुमार सिंह ने कहा है कि 24 अप्रैल को जब सीवान जिले के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश रामायण राम अपने भाई की अंत्येष्टि में जिलाधिकारी सीवान द्वारा अंतरराज्यीय पास जारी कराकर सीवान से देवरिया के मेहरौना मार्ग से अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जा रहे थे। मेहरौना पहुंचने के बाद वहां के उप निरीक्षक विनोद यादव ने सीवान व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रामायण राम को जानबूझ कर 5 घंटे के लंबे इंतजार के बाद भी सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया था। इस दौरान देवरिया एसपी डाॅ. श्रीपति मिश्र को भी जज ने फोन पर बात कर अपने वैध पास होने की जानकारी देते हुए अनुमति मांगी थी पर उनकी एक न सुनी गई और बैरंग लौटा दिया गया।
देवरिया एसपी ने लियाथा गलत निर्णय
देवरिया एसपी ने इस मामले में गलत निर्णय लिया था। क्योंकि किसी सजायाफ्ता को भी नजदीकी रिश्तेदार की मृत्यु होने पर उसमें शामिल होने से नहीं रोका जाता है। जबकि जज के पास एक वैध पास था। इसके बाद भी जज को नहीं जाने दिया गया। इससे अंत्येष्टि कार्य प्रभावित हो गया। जबकि, मृतक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश का अपना सगा छोटा भाई था। -अजित कुमार सिंह, सचिव सह किशनगंज एडीजे, बिहार न्यायिक सेवा संघ
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