शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने और पुराने शिक्षकों की भांति वेतन सेवा शर्त की मांग पर शिक्षक संघर्ष यात्रा के दौरान बेगूसराय पहुंचे शिक्षक संघ गोप गुट के शिक्षकों की प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक के साथ बैठक हुई। बैठक में शिक्षकों पर किए जा रहे कार्रवाई का विरोध किया गया। साथ ही आगे की रणनीति पर विचार किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हाई कोर्ट पटना में कानून व्यवस्था और शिक्षा की स्थिति पर की गई कोर्ट की टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री ने पद पर बने रहने का नैतिक आधार खो दिया है। इसलिए उन्हें अविलंब इस्तीफा देना चाहिए। क्योंकि वे आज तक सुशासन का दावा करते हैं परंतु अब यह कुशासन का पर्याय बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में चल रहे शिक्षक आंदोलन से सरकार घबरा गई है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई करना और धमकी देना सरकार की कायरता पूर्ण कार्रवाई है। किसी भी लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए शिक्षकों पर मुकदमा उनकी बर्खास्तगी तथा निलंबन का आदेश तानाशाही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने कहा कि नियमित शिक्षकों की भांति सहायक शिक्षक व राज्यकर्मी का दर्जा और समान वेतन- समान सेवा शर्त की मांग पर शिक्षकों की हड़ताल जारी रहेगी। वहीं प्रदेश सचिव अमित कुमार ने कहा कि हमें अपने आंदोलन को जन आन्दोलन में तब्दील करना होगा। शिक्षक समुदाय को सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के बेहतरी के लिए नागरिक समाज के बीच जाने की जरूरत है।मौके पर उपस्थित गोपगुट के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्रा और जिला महासचिव ज्ञानप्रकाश ने कहा कि अपनी मांगों पर बेगूसराय के टीइटी शिक्षक मजबूती से आंदोलनरत रहेंगे। बैठक के दौरान जिला संयोजक सरोज कुमार सिंह जिला उपाध्यक्ष रामकरण चौरसिया, नीतेश रंजन, कार्यालय सचिव धर्मांशु झा मीडिया प्रभारी रौशन यादव जिला प्रवक्ता राधेश्याम कुमार सिंह रंधीर सिंह कोषाध्यक्ष रवि कुमार जिला सचिव सचिन्द्र सिन्हा सुमित कुमार सिंह अभिषेक रंजन, नीरज नयन, विक्रांत कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल विकास उपस्थित थे ।
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