बाहर फंसे बिहार के मजदूरों के राशन-पैसे की समस्या दूर हाे, इसके लिए उनका बैंक खाता नंबर मददगाराें काे उपलब्ध करा रहा है स्वान - Dainik Darpan

Hot

Post Top Ad

Wednesday, April 29, 2020

बाहर फंसे बिहार के मजदूरों के राशन-पैसे की समस्या दूर हाे, इसके लिए उनका बैंक खाता नंबर मददगाराें काे उपलब्ध करा रहा है स्वान

फरीदाबाद में फंसी प्रवासी मजदूर उर्मिला देवी ने उस समय राहत की सांस ली, जब उनके फोन पर बैंक से मैसेज अाया कि खाते में एक हजार रुपए जमा हो चुके हैं। वह लखीसराय की रहने वाली हैं अौर उनके साथ दो बेटे हैं। सभी के भोजन का संकट उत्पन्न हो गया था। पैसे मिलते ही उन्होंने राशन समेत जरूरी सामान की खरीदारी की। दैनिक भास्कर से बातचीत में उर्मिला ने बताया कि बच्चे दो दिनों से भूखे थे। इसी क्रम में वाॅट्सएप पर एक मैसेज चल रहा था कि इस नंबर पर फोन कर मदद ले सकते हैं। पहले तो विश्वास नहीं हुआ, लेकिन काफी प्रयास के बाद जब फोन लगा तो उनका खाता नंबर व पता पूछा गया। इसे देने के अगले दिन एक हजार रुपए अा गए। इसी प्रकार वैशाली की अनीता देवी, नवादा के अशोक कुमार, मोतिहारी के संतोष पांडेय, अररिया के अतुल प्रसाद, मोतीपुर के रामनाथ, रमाशंकर, अमील सोहेल, गुड्डू समेत हजारों एेसे मजदूर हैं, जो इस नेटवर्क से लाभान्वित हो चुके हैं। दरअसल, लाॅकडाउन के दौरान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत देश के 12 राज्यों में फंसे बिहार के हजारों प्रवासियों के लिए इसी तरह नकदी व भोजन सामग्री की व्यवस्था मुजफ्फरपुर का स्टैंडेड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क (स्वान) करा रहा है।
नेटवर्क में शोधार्थी छात्र, श्रमिक संगठन व प्रेरक समूह शामिल

मनरेगा वाच के संयोजक संजय सहनी मजदूरों को रोजगार दिलाने में भी मदद करते हैं। इसी को लेकर हजारों प्रवासी मजदूरों ने उनसे मदद मांगनी शुरू की। इसके बाद वे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हरियाणा, पंजाब अादि में दोस्तों, छात्रों, श्रमिक संगठनों, प्रेरक समूहों अादि से बात की। फिर स्वान नामक ग्रुप बनाया अौर मदद शुरू की। नेटवर्क में मुंबई के शोधार्थी सकीना धोराजीवाला, लिबटेक इंडिया, 21 डेज एंड काउंटिंग, माइग्रेंट वर्कर्स, इनाडेक्वेसी ऑफ वेलफेयर मीजर्स इन इंडिया, अजीम प्रेमजी विवि के प्रोफेसर डाॅ. राजेंद्रन समेत कई प्रोफेसर, दिल्ली स्कूल अाॅफ इॅकोनाॅमिक्स के अविनाश, कोणिका, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अरुंधति राॅय आदि हैं।
940 समूहों से बात कर 30 हजार से अधिक प्रवासियों की मदद की जा चुकी : मुजफ्फरपुर के संजय सहनी ने बताया कि नेटवर्क के 80 सदस्यों ने देश के 940 से अधिक स्वयंसेवी समूहों से बात की। इन लोगों से सहयोग लेकर अब तक 30 हजार से अधिक प्रवासियों को एक करोड़ से अधिक की राशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है। वहीं, स्थानीय संगठनों से भी इन प्रवासियों को भोजन सामग्री मुहैया कराई जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3aQIM0y

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad